क्या आप जानते हैं?

या था ?

उनके आखिरी 24 घंटे आपको हिला देंगे

भगत सिंह ने फांसी से पहले क्या किया था

23 March 1931

23 March 1931

भारत के महान क्रांतिकारी

भगत सिंह, राजगुरु,सुखदेव

को फांसी दी जानी थी

फांसी से कुछ घंटे पहले

भी भगत सिंह

जेल मे भी किताबे पढ़ रहे थे

वे ज्ञान मे दुबे हुए थे

जब जेलर ने कहा-"फांसी का समय आ गया हैं "

तो उन्होंने कहा

"रुको पहले एक क्रांतिकारी दूसरे क्रांतिकारी से मिल तो ले

वे किताब खत्म करना चाहते थे

फांसी के तीनों ने

इंकलाब ज़िन्दाबाद !" के नारे लगाए

हस्ते-हस्ते फांसी पर चढ़ गए

ये साहस आज भी प्रेरणा देता है

सरकारे इतनी डरी हुई थी की

फांसी रात मे चुपके से दी गई

और शवों को चुप-चाप जला दिया गया

भगत सिंह एक नाम नहीं,

एक सोच हैं

एक क्रांति हैं

क्या आप ऐसे ही और सच जानना चाहते है ?

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